गुरुवार, 4 नवंबर 2010

नेताओ के लिए परीक्षा क्यों नहीं

कलेक्टर, कमिश्नर, दरोगा,  इंजिनियर, डाक्टर, बैंककर्मी या अन्य संस्था का बाबु बनना है तो परीक्षा देनी पड़ती है यहाँ तक की स्कूल का शिक्षा कर्मी बनना है तो भी परीक्षा अब तो वकील बनाने और phd की डिग्री पाने के लिए भी अब परीक्षाओ से गुजरना होगा परन्तु यह क्या जो राजनेता पुरे राज्य या देश को चलाते है उनके लिए शिक्षित होना क्यों नहीं अनिवार्य है क्यों एक अनपद या कम पड़ा लिखा व्यक्ति या सजायाफ्ता अथवा जिस पर भ्रष्टाचार या देशद्रोह जैसे मामले चलने चाहिए अपने धनबल बाहुबल के बल पार पांच साल में होने वाले चुनाव में प्रत्याशी बन कर विजयश्री प्राप्त कर लेता है! हद तो तब हो जाती है जब इन नेताओ की सुरक्षा व तीमारदारी में ऐसे लोगो को लगाया जाता है जो की शिक्षित होने के साथ साथ योग्यता में बहुत ऊपर होते है! बगैर शिक्षा के या मनुष्य के बगैर शिक्षित हुए बिना कोई भी राष्ट्र अपना विकाश नहीं कर सकता अब आप ही सोचिये की जिनके कंधो पर पुरे राष्ट्र का भविष्य है ऐसे जन नेता अशिक्षित  या अंगूठा छाप हो तो देश का क्या होगा. और ये अशिक्षित नेता या मंत्री बनकर बड़े बड़े उच्च शिक्षित व्यक्तियों को झुकाता है यदि अपनी सेवा भावना से ये शिक्षित वर्ग नतमस्तक होता है तो ठीक वरना उनकी खैर नहीं! पता नहीं शिक्षा के महत्व को संविधान बनाने वालो ने राष्ट्र की प्रगति के लिए मिल का पत्थर तो माना परन्तु नेताओ को उससे पूरी छुट दे दी! तर्क यह दिया जाता है की प्रजातंत्र में किसी का संविधानिक हक़ नहीं मारा जा सकता! एक अशिक्षित या गंवार भी यदि जनता का विश्वास अर्जित कर लेता है तो देश का राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री हो सकता है उसके लिए किसी प्रकार की कोई स्पर्धा या प्रतियोगी परीक्षा नहीं होती एकमात्र चुनाव ही उसका मापदंड है जो उन्हें राष्ट्र के सर्वोच्च शिखर तक पहुचता है हम यदि थोडा सा विचार करे की एक नेता जो साक्षर भी नहीं है जोड़ तोड़ से विधि मंत्री बन जाता है शिक्षा मंत्री बन जाता है जिसने कभी खेल मैदान देखा भी नहीं है खेल मंत्री बन जाता है अब आप ही सोचिये ऐसे में उस विभाग का क्या होगा प्रजातंत्र में जब जनता ही सर्वोपरि है और ऐसी जनता के लिए अनेक बंदिशे लगे जा सकती है तो इन नेताओ के लिए क्यों नहीं क्यों इन्हें किसी बंधन में नहीं बंधा जा सकता.............................  

14 टिप्‍पणियां:

  1. अमरजीत जी आपकी बात सौ प्रतिशत सही है फिर इन राजनेताओं के लिए कोई इम्तेहान क्यों नहीं ....?
    हो सकता है भविष्य में इन नेताओं के लिए भी कोई ऐसी अनिवार्यता बन जाये ....
    तब तक आवाज़ बुलंद रहे .....

    उत्तर देंहटाएं
  2. .

    नेताओं के लिए भी न्यूनतम योग्यता होनी चाहिए । तथा एक अनिवार्य परीक्षा होनी चाहिए। कूड़े-करकट खुद बखुद ही छंट जायेंगे।

    .

    उत्तर देंहटाएं
  3. सुन्दर रचना। बधाई।आपको व आपके परिवार को भी दीपावली की हार्दिक शुभकामनायें।

    उत्तर देंहटाएं
  4. दीवाली की हार्दिक शुभकामनायें

    उत्तर देंहटाएं
  5. .

    Dear Amarjeet,

    Wish you a very happy and prosperous Deepawali.

    Divya

    .

    उत्तर देंहटाएं
  6. ....दीप पर्व की हार्दिक बधाई।
    ईश्वर से कामना है कि यह दीपोत्सव आपके जीवन में सभी मनोकामनाएं पूर्ण करे।

    उत्तर देंहटाएं
  7. दीपोत्सव की हार्दिक शुभकामनायें...

    उत्तर देंहटाएं
  8. आदरणीय अमरजीत जी
    नमस्कार !

    आपकी पंक्ति पंक्ति मनन को प्रेरित करती है ।
    बचपन से मैं भी ऐसा ही सोचता आया हूं , देश को चलाने की जिन पर जिम्मेवारी मानते हैं , उनकी योग्यता का कोई पैमाना ही नहीं । सरासर अंधेर है !!
    एक विचारणीय श्रेष्ठ आलेख के लिए आभार !

    आपको और परिवारजनों को
    दीवाली की हार्दिक शुभकामनाएं !

    सरस्वती आशीष दें , गणपति दें वरदान !
    लक्ष्मी बरसाएं कृपा , बढ़े आपका मान !!


    - राजेन्द्र स्वर्णकार

    उत्तर देंहटाएं
  9. बिलकुल सही कहा

    नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं

    उत्तर देंहटाएं
  10. @अमरजीत जी
    वर्ड वेरिफिकेशन टिप्पणियाँ करते समय परेशान कर रहा है
    हटाने के लिए :
    settings -> comments -> Show word verification for comments -> select "no" radio button
    गैर जरूरी लगे तो इस कमेन्ट को पढने के बाद हटा दीजियेगा

    उत्तर देंहटाएं
  11. बगैर शिक्षा के या मनुष्य के बगैर शिक्षित हुए बिना कोई भी राष्ट्र अपना विकास नहीं कर सकता

    आपकी बात से पूरी तरह सहमत हूँ.सार्थक लेखन.शुभकामनायें.

    उत्तर देंहटाएं
  12. Bahut sahi likha hai sir ji... kash inke liye bhi koi exam ya eligibility decide kee hoti...

    उत्तर देंहटाएं