विज्ञानं के अविष्कार ने इन्सान को बहुत सी चीजे दी है !इन चीजो का उपयोग कर इन्सान ने अपने जीवन को सुखमय बनाया है, परन्तु उनके दुरपयोग ने जिन्दगी में खलल भी डाला है! होटलों में, वाश रूम में, चेंजिंग रूम में और तो और डायग्नोसिस सेंटर में छुपे कैमरों ने ताका झांकी की है! अभी हाल ही में डायग्नोसिस सेंटर में छुपा कर रखे मोबाईल कैमरे को एक युवती ने पकड़ा! सेंटर में काम करने वाले वार्ड ब्वाय ने कैमरा रखा था! इसी तरह एक पापुलर इटिंग आउटलेट के लेडिज वाशरूम में एक महिला ने पाया की वहा कैमरा लगा है !दिल्ली में एक अपैरल स्टोर के चेंजिंग रूम रिकार्डिंग कैमरा पकड़ा गया !पेइंग गेस्ट रखने वाले घर के ओनर ने ही लडकियों के बाथरूम में कैमरा फिट करवा दिया था !शिमला में एक हनीमून कपल की अन्तरंग वीडियो रिकार्डिंग ने उस कपल को आत्महत्या जैसा कदम उठाने को मजबूर कर दिया ! जाहिर है ये घटनाये महिलाओ की प्राइवेशी की धज्जिया उड़ाने वाली है !और इसके नतीजे क्या हो सकते है हम सभी को इस बात का अंदाजा है ........
रहिये सतर्क
# बेहतर रहेगा की छोटी दुकानों में ट्राई रूम में जाने के बजाय नामी व विश्वसनीय जगहों पर ही शापिंग करे
# बड़े कैमरे को आप थोडा ध्यान से देखने पर पकड़ सकते है
# पेन कैमरों,बटन कैमरों के आने से सिक्युरिटी वाकई एक बड़ा इशु हो गई है लेकिन थोड़ी सतर्कता से इनसे बचा जा सकता है
# अपना मोबाईल उन जगहों पर घुमाये जंहा कैमरे हो सकते है कई बार मोबाईल कैमरे के संपर्क में आकर वाईब्रेट होता है
# बहुत बार कैमरा लगा होने पर उस जगह पर मोबाईल सिग्नल नहीं पकड़ता खासकर होटलों में सुरक्षा की दृष्टि से लगाये गए कैमरों के होने पर
# अगर वेब कैमरा लगा हो तो ट्राई रूम में दरवाजा बंद करने पर मोबाईल से काल करने में दिक्कत होती है
# महिलाओ को टेक्नीकल नालेज बढ़ाना चाहिए ताकि वे समझ पाए की किस जगह पर कैमरे छुपे हो सकते है
# अगर आपके साथ ऐसी घटना हो तो तुरंत मैनेजर से बात करनी चाहिए फिर मामले में पुलिस की मदद लीजिये
# ऐसी सिचुएसन आने पर गुस्सा करने या घबराने के बजाय शांत दिमाग से मैनेजमेंट के साथ मिलकर कोई कदम उठाना चाहिए
# चेंजिंग रूम वाशरूम का पूरा मुआयना करने के बाद ही यूज करे
# फिटिंग्स की जानकारी पूरी तरह रखे जिससे शापिंग के दौरान ज्यादा कुछ ट्राई कराने की जरुरत ना पड़े
बुधवार, 22 दिसंबर 2010
बुधवार, 15 दिसंबर 2010
मंगलवार, 7 दिसंबर 2010
SMS की दुनिया अजब होती है- होली, दीवाली, दशहरा, रक्षाबंधन, 15 अगस्त, 26 जनवरी, गुरुनानक जयंती, वैशाखी, ईद, क्रिसमस, नए वर्ष जैसे अवसरों पर हम अपने मित्रो रिश्तेदारों से मिलकर अपनी ख़ुशी का इजहार नहीं कर पाते! पहले पहल जब संचार माध्यमो ने इतनी प्रगति नहीं की थी उन दिनों पोस्ट कार्ड अंतर्देशीय या कहे डाक विभाग मुख्य माध्यम था! तब बधाई सन्देश भेजना इतना आसान नहीं था! फिर आया फोन का जमाना हम अपने मित्रो रिश्तेदारों को फोन के माध्यम बधाई सन्देश देने लगे! समय ने और विकाश किया रंगबिरंगे ग्रीटिंग कार्डस, अच्छे कोटेशन SORRY या I MISS YOU जैसे सन्देश बर्थडे व सालगिरह में ऐसे कार्डस खूब चले! वेलेंटाईन डे, फ्रेंडशिप डे पर भी कार्डस की भरी डिमांड रही! संचार माध्यमो की क्रांति ने मोबाईल युग में पहुचाया! जहा हम दुनिया के एक कोने से दुसरे कोने में बैठे व्यक्ति से चलते फिरते कही भी वार्तालाप कर सकते है! त्योहारों या पर्वो के अवसर पर हम अपने करीबियों को SMS कर बधाई देने लगे! SMS की यह परम्परा सिर्फ व सिर्फ त्योहारों पर्वो तक ही सिमित नहीं रही! अक्सर हम अपने मित्रो रिश्तेदारों को सुबह की गुड मार्निंग से लेकर रात की गुडनाईट जैसे संदेशो से याद करने लगे! जोक्स या प्यार भरी कविताये SMS में अक्सर आने लगी परन्तु SMS के शब्द जहा दिल को छूने वाले वही इसका दुरपयोग भी प्रारम्भ हो गया! अश्लील व फूहड़ SMS की बहुतायत होने लगी! कम्पनिया अपने उत्पादों के प्रचार प्रसार में इसका उपयोग करने लगी !और तो और ऐसे SMS जिसमे उल्लेख होता की साईबाबा या माता का यह SMS 10 लोगो को भेजे आपका भला होगा और यदि नहीं भेजे तो आपका अनर्थ हो जायेगा! जैसे SMS सिरदर्द का सबब बनने लगे! खैर अच्छे या बुरे SMS तो बंद होने से रहे हम तो यहाँ उन SMS का उल्लेख कर रहे है जो दिल को छूने वाले है........
(1) एक छोटी सी बच्ची अपने पापा के साथ जा रही थी! एक पुल पर पानी बहुत तेजी से बह रहा था! पापा बेटी डरो मत मेरा हाथ पकड़ लो! बच्ची नहीं पापा आप मेरा हाथ पकड़ लो! पापा मुस्कुराते हुए दोनों में क्या अंतर है बेटा! बच्ची अगर मे आपका हाथ पकडू और अचानक कुछ हो जाये तो शायद मै आपका हाथ छोड़ दू! लेकिन अगर आप मेरा हाथ पकड़ेंगे तो मै जानती हु की चाहे कुछ भी हो जाये आप मेरा हाथ कभी नहीं छोड़ेंगे!
(2) अगर आपकी आँखे खुबसूरत है तो आपको दुनिया अच्छी लगेगी ,लेकिन अगर आपकी जुबान खुबसूरत है तो आप दुनिया को अच्छे लगोगे !
(3) 3 दोस्तों की कहानी ज्ञान, धन और विश्वास तीनो बहुत अच्छे दोस्त थे! तीनो में प्यार भी बहुत था! एक ऐसा वक्त आया की तीनो को जुदा होना पड़ा! तीनो ने एक दुसरे से सवाल किया की कौन कहा जायेगा! ज्ञान बोला मै मंदिर, मस्जिद, चर्च, गुरुद्वारा और विद्यालय जाऊंगा! धन ने कहा मै महल और अमीरों के पास जाऊंगा! लेकिन विश्वास चुप था! दोनों दोनों ने वजह पूछी तो विश्वास ने ठंडी आह भर के कहा मै 1 बार चला गया तो फिर नहीं आऊंगा !
(4) कभी किसी को बिलकुल बेकार मत समझना ऐ दोस्तों ये याद रखना की बंद घडी भी 2 बार सही समय बताती है!
(1) एक छोटी सी बच्ची अपने पापा के साथ जा रही थी! एक पुल पर पानी बहुत तेजी से बह रहा था! पापा बेटी डरो मत मेरा हाथ पकड़ लो! बच्ची नहीं पापा आप मेरा हाथ पकड़ लो! पापा मुस्कुराते हुए दोनों में क्या अंतर है बेटा! बच्ची अगर मे आपका हाथ पकडू और अचानक कुछ हो जाये तो शायद मै आपका हाथ छोड़ दू! लेकिन अगर आप मेरा हाथ पकड़ेंगे तो मै जानती हु की चाहे कुछ भी हो जाये आप मेरा हाथ कभी नहीं छोड़ेंगे!
(2) अगर आपकी आँखे खुबसूरत है तो आपको दुनिया अच्छी लगेगी ,लेकिन अगर आपकी जुबान खुबसूरत है तो आप दुनिया को अच्छे लगोगे !
(3) 3 दोस्तों की कहानी ज्ञान, धन और विश्वास तीनो बहुत अच्छे दोस्त थे! तीनो में प्यार भी बहुत था! एक ऐसा वक्त आया की तीनो को जुदा होना पड़ा! तीनो ने एक दुसरे से सवाल किया की कौन कहा जायेगा! ज्ञान बोला मै मंदिर, मस्जिद, चर्च, गुरुद्वारा और विद्यालय जाऊंगा! धन ने कहा मै महल और अमीरों के पास जाऊंगा! लेकिन विश्वास चुप था! दोनों दोनों ने वजह पूछी तो विश्वास ने ठंडी आह भर के कहा मै 1 बार चला गया तो फिर नहीं आऊंगा !
(4) कभी किसी को बिलकुल बेकार मत समझना ऐ दोस्तों ये याद रखना की बंद घडी भी 2 बार सही समय बताती है!
SMS की दुनिया ..........................
SMS की दुनिया अजब होती है- होली, दीवाली, दशहरा, रक्षाबंधन, 15 अगस्त, 26 जनवरी, गुरुनानक जयंती, वैशाखी, ईद, क्रिसमस, नए वर्ष जैसे अवसरों पर हम अपने मित्रो रिश्तेदारों से मिलकर अपनी ख़ुशी का इजहार नहीं कर पाते! पहले पहल जब संचार माध्यमो ने इतनी प्रगति नहीं की थी उन दिनों पोस्ट कार्ड अंतर्देशीय या कहे डाक विभाग मुख्य माध्यम था! तब बधाई सन्देश भेजना इतना आसान नहीं था! फिर आया फोन का जमाना हम अपने मित्रो रिश्तेदारों को फोन के माध्यम बधाई सन्देश देने लगे! समय ने और विकाश किया रंगबिरंगे ग्रीटिंग कार्डस, अच्छे कोटेशन SORRY या I MISS YOU जैसे सन्देश बर्थडे व सालगिरह में ऐसे कार्डस खूब चले! वेलेंटाईन डे, फ्रेंडशिप डे पर भी कार्डस की भरी डिमांड रही! संचार माध्यमो की क्रांति ने मोबाईल युग में पहुचाया! जहा हम दुनिया के एक कोने से दुसरे कोने में बैठे व्यक्ति से चलते फिरते कही भी वार्तालाप कर सकते है! त्योहारों या पर्वो के अवसर पर हम अपने करीबियों को SMS कर बधाई देने लगे! SMS की यह परम्परा सिर्फ व सिर्फ त्योहारों पर्वो तक ही सिमित नहीं रही! अक्सर हम अपने मित्रो रिश्तेदारों को सुबह की गुड मार्निंग से लेकर रात की गुडनाईट जैसे संदेशो से याद करने लगे! जोक्स या प्यार भरी कविताये SMS में अक्सर आने लगी परन्तु SMS के शब्द जहा दिल को छूने वाले वही इसका दुरपयोग भी प्रारम्भ हो गया! अश्लील व फूहड़ SMS की बहुतायत होने लगी! कम्पनिया अपने उत्पादों के प्रचार प्रसार में इसका उपयोग करने लगी !और तो और ऐसे SMS जिसमे उल्लेख होता की साईबाबा या माता का यह SMS 10 लोगो को भेजे आपका भला होगा और यदि नहीं भेजे तो आपका अनर्थ हो जायेगा! जैसे SMS सिरदर्द का सबब बनने लगे! खैर अच्छे या बुरे SMS तो बंद होने से रहे हम तो यहाँ उन SMS का उल्लेख कर रहे है जो दिल को छूने वाले है........
(1) एक छोटी सी बच्ची अपने पापा के साथ जा रही थी! एक पुल पर पानी बहुत तेजी से बह रहा था! पापा बेटी डरो मत मेरा हाथ पकड़ लो! बच्ची नहीं पापा आप मेरा हाथ पकड़ लो! पापा मुस्कुराते हुए दोनों में क्या अंतर है बेटा! बच्ची अगर मे आपका हाथ पकडू और अचानक कुछ हो जाये तो शायद मै आपका हाथ छोड़ दू! लेकिन अगर आप मेरा हाथ पकड़ेंगे तो मै जानती हु की चाहे कुछ भी हो जाये आप मेरा हाथ कभी नहीं छोड़ेंगे!
(2) अगर आपकी आँखे खुबसूरत है तो आपको दुनिया अच्छी लगेगी ,लेकिन अगर आपकी जुबान खुबसूरत है तो आप दुनिया को अच्छे लगोगे !
(3) 3 दोस्तों की कहानी ज्ञान, धन और विश्वास तीनो बहुत अच्छे दोस्त थे! तीनो में प्यार भी बहुत था! एक ऐसा वक्त आया की तीनो को जुदा होना पड़ा! तीनो ने एक दुसरे से सवाल किया की कौन कहा जायेगा! ज्ञान बोला मै मंदिर, मस्जिद, चर्च, गुरुद्वारा और विद्यालय जाऊंगा! धन ने कहा मै महल और अमीरों के पास जाऊंगा! लेकिन विश्वास चुप था! दोनों दोनों ने वजह पूछी तो विश्वास ने ठंडी आह भर के कहा मै 1 बार चला गया तो फिर नहीं आऊंगा !
(4) कभी किसी को बिलकुल बेकार मत समझना ऐ दोस्तों ये याद रखना की बंद घडी भी 2 बार सही समय बताती है!
(1) एक छोटी सी बच्ची अपने पापा के साथ जा रही थी! एक पुल पर पानी बहुत तेजी से बह रहा था! पापा बेटी डरो मत मेरा हाथ पकड़ लो! बच्ची नहीं पापा आप मेरा हाथ पकड़ लो! पापा मुस्कुराते हुए दोनों में क्या अंतर है बेटा! बच्ची अगर मे आपका हाथ पकडू और अचानक कुछ हो जाये तो शायद मै आपका हाथ छोड़ दू! लेकिन अगर आप मेरा हाथ पकड़ेंगे तो मै जानती हु की चाहे कुछ भी हो जाये आप मेरा हाथ कभी नहीं छोड़ेंगे!
(2) अगर आपकी आँखे खुबसूरत है तो आपको दुनिया अच्छी लगेगी ,लेकिन अगर आपकी जुबान खुबसूरत है तो आप दुनिया को अच्छे लगोगे !
(3) 3 दोस्तों की कहानी ज्ञान, धन और विश्वास तीनो बहुत अच्छे दोस्त थे! तीनो में प्यार भी बहुत था! एक ऐसा वक्त आया की तीनो को जुदा होना पड़ा! तीनो ने एक दुसरे से सवाल किया की कौन कहा जायेगा! ज्ञान बोला मै मंदिर, मस्जिद, चर्च, गुरुद्वारा और विद्यालय जाऊंगा! धन ने कहा मै महल और अमीरों के पास जाऊंगा! लेकिन विश्वास चुप था! दोनों दोनों ने वजह पूछी तो विश्वास ने ठंडी आह भर के कहा मै 1 बार चला गया तो फिर नहीं आऊंगा !
(4) कभी किसी को बिलकुल बेकार मत समझना ऐ दोस्तों ये याद रखना की बंद घडी भी 2 बार सही समय बताती है!
रविवार, 28 नवंबर 2010
महँगी होती शादियाँ..............
शाही शादियाँ और रंगीन रशमो ने शादियों को दिन पर दिन महंगा कर दिया है! हैरत में डालने वाली कीमतों से सज रही शादियों और उसमे दिए जाने वाले आमंत्रण कार्ड मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए परेशानी का शबब बनते जा रहे है!अब शादी में अपने परिचितों को बुलाने एक मिठाई का डिब्बा या ड्राईफुड की ट्रे,एयर टिकिट और होटल ekamdation कार्ड के साथ दिए जा रहे है कीमती घड़िया,प्लेटिनम अंगुठिया,चांदी,के डिब्बो में कार्ड भिजवाये जा रहे है!कार्ड गैलरी वालो का कहना है की कस्टमर एक कार्ड इनविटेशन पर हजारो रु. खर्च करने को सहज तैयार है! इन कार्ड में अलग अलग थीम को स्पष्ट किया जाता है जैसे सोने के हुक्के कार्ड के साथ भेजने वाले कव्वाली थीम का संगीत,चांदी की बांसुरी (रांस लीला थीम),कलम दवात (जोधा अकबर थीम)और हाई प्रोफाइल शाप के फ्री बाउचर या 7 डावर जिसके प्रत्येक डावर में अलग अलग गिफ्ट आयटम हो तो समझ जाये की थीम बालीवुड है जिसमे हिंदी फिल्मो के संगीत का विशेष कार्यक्रम होगा!
शादियों में होने वाले खर्च आसमान छू रहे है! वही शादियों के बाद रिश्तो की स्थिरता में उतनी ही गिरावट आई है !मेहमान नवाजी का पूर्व में भी विशेष ख्याल रखा जाता था! किन्तु खर्च एक सीमा तक ही किये जाते थे! परन्तु वर्त्तमान में शादियों में खर्च बढ़ा है, उतने ही रिश्तो की स्थिरता समाप्त सी हो गयी है इन दिनों शादियों में खर्च करने की होड़ सी लगी है!सगाई के कार्यक्रम से ही खर्चे प्रारम्भ हो जाते है! महंगे निमत्रण पत्र, निमंत्रण पत्र के साथ गिफ्ट, काकटेल पार्टी, बेचलर पार्टी और शादी पार्टी में रु.पानी की तरह बहाए जाने लगे है! हालीवुड, बालीवुड एक्ट्रेश,महंगे होटलों के आयोजन, महंगे डांस ग्रुप ने शादियों के खर्च को बेलगाम कर दिया है!आदर सत्कार तो उन दिनों भी होता था जब इस तरह के दिखावे नहीं थे! अतिथि के मुख्य द्वार पर आगमन से लेकर भोजन कराने तक अतिथियों का पूरा ख्याल रखा जाता था! ऐसे में यदि शादी के पश्चात रिश्तो में दरार भी आती थी तो पूरा समाज एक साथ खड़े होकर टूटते रिश्तो को बचाने का प्रयाश करता था!महंगी शादियों में टूटते रिश्तो को बचाने वाला कोई नहीं होता !
जरा सोचिये इतनी महँगी शादियों से क्या मिलता है, छणिक ख़ुशी के लिए लाखो करोडो खर्च करना क्या उचित है! क्या इन महँगी शादियों पर कोई लगाम नहीं लगाई जा सकती !शाही शादियों के स्थान पर क्या हम पारिवारिक व आदर सत्कार वाली शादियों का चलन प्रारम्भ नहीं कर सकते !
शादियों में होने वाले खर्च आसमान छू रहे है! वही शादियों के बाद रिश्तो की स्थिरता में उतनी ही गिरावट आई है !मेहमान नवाजी का पूर्व में भी विशेष ख्याल रखा जाता था! किन्तु खर्च एक सीमा तक ही किये जाते थे! परन्तु वर्त्तमान में शादियों में खर्च बढ़ा है, उतने ही रिश्तो की स्थिरता समाप्त सी हो गयी है इन दिनों शादियों में खर्च करने की होड़ सी लगी है!सगाई के कार्यक्रम से ही खर्चे प्रारम्भ हो जाते है! महंगे निमत्रण पत्र, निमंत्रण पत्र के साथ गिफ्ट, काकटेल पार्टी, बेचलर पार्टी और शादी पार्टी में रु.पानी की तरह बहाए जाने लगे है! हालीवुड, बालीवुड एक्ट्रेश,महंगे होटलों के आयोजन, महंगे डांस ग्रुप ने शादियों के खर्च को बेलगाम कर दिया है!आदर सत्कार तो उन दिनों भी होता था जब इस तरह के दिखावे नहीं थे! अतिथि के मुख्य द्वार पर आगमन से लेकर भोजन कराने तक अतिथियों का पूरा ख्याल रखा जाता था! ऐसे में यदि शादी के पश्चात रिश्तो में दरार भी आती थी तो पूरा समाज एक साथ खड़े होकर टूटते रिश्तो को बचाने का प्रयाश करता था!महंगी शादियों में टूटते रिश्तो को बचाने वाला कोई नहीं होता !
जरा सोचिये इतनी महँगी शादियों से क्या मिलता है, छणिक ख़ुशी के लिए लाखो करोडो खर्च करना क्या उचित है! क्या इन महँगी शादियों पर कोई लगाम नहीं लगाई जा सकती !शाही शादियों के स्थान पर क्या हम पारिवारिक व आदर सत्कार वाली शादियों का चलन प्रारम्भ नहीं कर सकते !
रविवार, 21 नवंबर 2010
पिछले कई दिनों से व्यस्तता रही गुरुनानक जयंती का पर्व और कुछ अन्य कारणों से कुछ नया नहीं लिख पाया!जब मे 10th class में था उन दिनों एक कविता मैंने लिखी थी!हो सकता है आपको पसंद ना आये थोड़ी साधारण है मन के भाव थे जिसे मैंने साधारण शब्दों में ढाला था!इस बार वह प्रस्तुत कर रहा हु!
अक्सर,
वह अपने भवन की छत पर खड़ी,
रोज मुझे निहारती है!
समय की घड़िया,
यु ही बीत जाती है!
घंटो से दिन,
दिन से सप्ताह ,
सप्ताह से महीने,
और महीने से साल बीते,
आज भी वह अपने भवन छत पर खड़ी है!
निहार रही है मुझे,
मे भी उसकी और देख रहा हु,
इस आस के साथ की,
वह आज कुछ बोलेगी,
दिल में छुपे राज खोलेगी,
परन्तु अफ़सोस ,
रोज ही की तरह ,
सुबह से दोपहर और दोपहर से शाम हो गयी,
दिल की बात दिल में ही रह गयी,
किन्तु एक आस छोड़ गयी!
की कल फिर वह छत पर आएगी,
मुझसे नजरे मिलाएगी !
मे भी उसकी और देखूंगा,
इस आस के साथ की वह आज कुछ बोलेगी,
वर्षो छुपे दिल के राज खोलेगी !!
शुक्रवार, 12 नवंबर 2010
उफ़ ये रियेलिटी शो
आजकल छोटे परदे पर रियेलिटी शो की बाढ़ सी आ गयी है, और ये अपने नित नए कारनामो की वजह से चर्चा भी बटोर रहे है! कारनामे भी देखिये एक से बढ़कर एक, कही छोटे परदे की न्यायधीश राखी सावंत लोगो के झगडे निपटा रही है, तो कही बिग बॉस शादी ब्याह कराने का काम कर रहे है, कोई चैनल करोडपति बना रहा है!
क्या राखी का इंसाफ ,राखी का स्वंयवर, राहुल का स्वयंवर, द परफेक्ट ब्राइड, इस जंगल से मुझे बचाओ,सच का सामना और कामेडी शो के नाम पर जो संस्कार घर घर में प्रस्तुत किये जा रहे है क्या उन पर कोई लगाम नहीं लगाई जा सकती क्या बड़े परदे की तरह छोटे परदे के लिए भी कोई सेंसर बोर्ड नहीं बनाया जा सकता! प्रतिज्ञा, पवित्र रिश्ता, तेरे लिए, साथिया जैसे सीरियल कुछ समय तक तो सही दिशा में चले पर सीरियल बनाने वालो ने इसे लम्बा खीचने के लिए ऐसे ऐसे कारनामे प्रारम्भ किये की उनसे प्रेरित होकर घर घर में स्त्री पुरुष के रिश्तो में दरार उत्पन्न होने लगी! अब राखी सावंत को ही लीजिये उसके बोलने का ढंग कपडे पहनने का तरीका निम्न स्तरीय है वह छोटे परदे पर न्यायधीश बन फैसले कर रही है! हद तो तब हो गयी जब उसने शो उपस्थित एक व्यक्ति को नामर्द कह दिया! इस शर्मनाक वाक्ये से उस व्यक्ति ने ख़ुदकुशी कर ली! बिग बॉस में सारा खान के विवाह को प्रचारित कर सुर्खिया बटोरी, तो पाकिस्तानी कलाकार के टावेल सरकने को लेकर TRP बढाई गयी! ऐसे ऐसे विवादित लोगो को सेलिब्रिटी बनाया जाता है जिससे की ज्यादा से ज्यादा शुर्खिया बटोरी जा सके! आतंकवादी कसाब की पैरवी करने वाले वकील, आतंकवादी हेडली से सम्पर्क रखने वाल व्यक्ति, राहुल महाजन जैसे लोगो को हमारे चैनलों ने सेलिब्रिटी बना दिया! लाफ्टर शो में जिस तरह के फूहड़ किस्से सुनाये जाते है वह तो अश्लीलता की सभी सीमाए पार कर चूका है! ऐसे में छोटे परदे के दर्शक देखे तो क्या देखे! समाचार चैनल भी इन रियेलिटी शो की TRP बढ़ाने में सहायक हो रहे है तभी तो समाचारों के बीच बीच में लगभग सभी समाचार चैनल इन विवादित अंशो को दिखाकर कही न कही सहयोग कर रहे है! खैर यह सब तो चलता रहेगा, आगे देखते है की आने वाले समय में ये चैनल क्या नया कारनामा करते है ...................
क्या राखी का इंसाफ ,राखी का स्वंयवर, राहुल का स्वयंवर, द परफेक्ट ब्राइड, इस जंगल से मुझे बचाओ,सच का सामना और कामेडी शो के नाम पर जो संस्कार घर घर में प्रस्तुत किये जा रहे है क्या उन पर कोई लगाम नहीं लगाई जा सकती क्या बड़े परदे की तरह छोटे परदे के लिए भी कोई सेंसर बोर्ड नहीं बनाया जा सकता! प्रतिज्ञा, पवित्र रिश्ता, तेरे लिए, साथिया जैसे सीरियल कुछ समय तक तो सही दिशा में चले पर सीरियल बनाने वालो ने इसे लम्बा खीचने के लिए ऐसे ऐसे कारनामे प्रारम्भ किये की उनसे प्रेरित होकर घर घर में स्त्री पुरुष के रिश्तो में दरार उत्पन्न होने लगी! अब राखी सावंत को ही लीजिये उसके बोलने का ढंग कपडे पहनने का तरीका निम्न स्तरीय है वह छोटे परदे पर न्यायधीश बन फैसले कर रही है! हद तो तब हो गयी जब उसने शो उपस्थित एक व्यक्ति को नामर्द कह दिया! इस शर्मनाक वाक्ये से उस व्यक्ति ने ख़ुदकुशी कर ली! बिग बॉस में सारा खान के विवाह को प्रचारित कर सुर्खिया बटोरी, तो पाकिस्तानी कलाकार के टावेल सरकने को लेकर TRP बढाई गयी! ऐसे ऐसे विवादित लोगो को सेलिब्रिटी बनाया जाता है जिससे की ज्यादा से ज्यादा शुर्खिया बटोरी जा सके! आतंकवादी कसाब की पैरवी करने वाले वकील, आतंकवादी हेडली से सम्पर्क रखने वाल व्यक्ति, राहुल महाजन जैसे लोगो को हमारे चैनलों ने सेलिब्रिटी बना दिया! लाफ्टर शो में जिस तरह के फूहड़ किस्से सुनाये जाते है वह तो अश्लीलता की सभी सीमाए पार कर चूका है! ऐसे में छोटे परदे के दर्शक देखे तो क्या देखे! समाचार चैनल भी इन रियेलिटी शो की TRP बढ़ाने में सहायक हो रहे है तभी तो समाचारों के बीच बीच में लगभग सभी समाचार चैनल इन विवादित अंशो को दिखाकर कही न कही सहयोग कर रहे है! खैर यह सब तो चलता रहेगा, आगे देखते है की आने वाले समय में ये चैनल क्या नया कारनामा करते है ...................
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